जसवंत थड़ा जोधपुर का एक संगमरमर का स्मारक है, जिसे महाराजा जसवंत सिंहजी की स्मृति में बनवाया गया था। परिसर में मंदिर जैसी मुख्य इमारत, मारवाड़ के शासकों का संग्रहालय और देव कुंड झील के किनारे शाही समाधि स्थल शामिल हैं।
- स्थान: जोधपुर, देव कुंड झील के पास
- खुलने का समय: रोज़ाना, 09:00–17:00, मेहरानगढ़ म्यूज़ियम ट्रस्ट के अनुसार
- प्रवेश शुल्क: देशी पर्यटकों के लिए Rs. 50 और विदेशी पर्यटकों के लिए Rs. 100
- प्रबंधन: Mehrangarh Museum Trust

जसवंत थड़ा क्या है
जसवंत थड़ा 19वीं सदी का संगमरमर का स्मारक है, जिसे 1873 से 1895 तक जोधपुर पर शासन करने वाले महाराजा जसवंत सिंहजी की स्मृति में बनवाया गया था। उनके पुत्र महाराजा सरदार सिंहजी ने यह स्मारक बनवाया। उन्होंने 1895 से 1911 तक शासन किया और स्मारक का निर्माण 1906 में पूरा हुआ।
इस स्थल का प्रबंधन Mehrangarh Museum Trust करता है और यह आम लोगों के लिए खुला है। परिसर में देव कुंड झील के किनारे शाही समाधि स्थल भी हैं, इसलिए यहाँ की सैर सिर्फ़ स्मारक भवन तक सीमित नहीं रहती।
मेहरानगढ़, Kings Retreat Jodhpur से लगभग 14 मिनट पैदल या 10 मिनट की ड्राइव पर है। यह जोधपुर का तीन सितारा होटल है।
मेहरानगढ़ किले से जसवंत थड़ा कैसे पहुँचें?

अगर आप किले की सैर भी करने की योजना बना रहे हैं, तो मेहरानगढ़, जोधपुर किले की सैर वाला लेख दिन की योजना बनाने में मदद कर सकता है।

संगमरमर की वास्तुकला और स्मारक परिसर
मुख्य इमारत मंदिर जैसी शैली में बनी है और यहाँ पूजा-अर्चना होती है। परिसर में देव कुंड झील और उसके आसपास के शाही समाधि स्थल भी हैं।
Mehrangarh Museum Trust द्वारा संचालित संग्रहालय में मारवाड़ के शासकों के चित्रों के साथ जानकारी देने वाले विवरण प्रदर्शित हैं। ट्रस्ट इसे मारवाड़ का इतिहास समझने के लिए परिचय स्थल बताता है। यहाँ आप चित्रों को क्षेत्र के अतीत में स्मारक की भूमिका से जोड़कर देख सकते हैं।

समय, टिकट और पर्यटकों के लिए जानकारी
Mehrangarh Museum Trust के अनुसार, जसवंत थड़ा रोज़ाना 09:00–17:00 तक खुला रहता है। देशी पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क Rs. 50 और विदेशी पर्यटकों के लिए Rs. 100 है।
गाइड का शुल्क 1 से 4 लोगों के लिए Rs. 150, 4 से 15 लोगों के लिए Rs. 200, 16 से 30 लोगों के लिए Rs. 250 और 31 से 50 लोगों के लिए Rs.
300 है। इसका भुगतान सीधे गाइड को करें। Jaswant Thada Trail के टिकट टिकट काउंटर पर या ऑनलाइन उपलब्ध हैं। समय और कीमतें बदल सकती हैं, इसलिए जाने से पहले Mehrangarh Museum Trust की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी जाँच लें।
किले के साथ सैर की योजना
जसवंत थड़ा और मेहरानगढ़ किला, जोधपुर की एक ही सैर का हिस्सा हो सकते हैं। संगीत समारोहों के दौरान जसवंत थड़ा के परिसर में सुबह के संगीत कार्यक्रम भी होते हैं। इनमें Rajasthan International Folk Festival और World Sacred Spirit Festival शामिल हैं।
शहर की सैर की योजना बनाते समय मौसम के हिसाब से जानकारी के लिए जोधपुर घूमने का सबसे अच्छा समय वाली मार्गदर्शिका में मौसम और शहर के त्योहारों के बारे में जानें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जसवंत थड़ा किसने बनवाया था?
महाराजा सरदार सिंहजी ने अपने पिता महाराजा जसवंत सिंहजी की स्मृति में यह स्मारक बनवाया था। इसका निर्माण 1906 में पूरा हुआ।
मुख्य इमारत के अंदर क्या है?
मुख्य इमारत मंदिर जैसी शैली में बनी है और यहाँ पूजा-अर्चना होती है। परिसर में मारवाड़ के शासकों के चित्रों वाला संग्रहालय भी है।
क्या Jaswant Thada Trail के टिकट ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं?
हाँ। ट्रेल के टिकट ऑनलाइन या जसवंत थड़ा के टिकट काउंटर पर उपलब्ध हैं।
जसवंत थड़ा का प्रबंधन कौन करता है?
Mehrangarh Museum Trust इस स्मारक का प्रबंधन और देखभाल करता है तथा इसके संग्रहालय का संचालन भी करता है।
